<img src="//trc.taboola.com/1148583/log/3/unip?en=page_view" width="0" height="0" style="display:none"> Pregnancy Stages- Monthly Changes in the Body and The Stages of Fetal Development - MamyPoko India Blog
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गर्भावस्था चरण - शरीर में होने वाले मासिक परिवर्तन और भ्रूण विकास के चरण
पहली तिमाही, दूसरी तिमाही, तीसरी तिमाही

गर्भावस्था चरण - शरीर में होने वाले मासिक परिवर्तन और भ्रूण विकास के चरण

वैकल्पिक टेक्स्ट द्वारा: डॉ. दीर्घा पामनानी | जून 24, 2018

गर्भावस्था के दौरान एक स्वस्थ शिशु की ज़िम्मेदारी माँ पर पड़ती है क्योंकि उसका स्वास्थ्य बढ़ते हुए भ्रूण को प्रभावित करता है। परिणामस्वरूप, गर्भवती महिलाओं को जहाँ तक संभव हो, स्वस्थ और अच्छी तरह से पोषित रहने के लिए क़दम उठाने चाहिए। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य देखभाल और जीवन-शैली को ध्यान में रखना चाहिए।

गर्भावस्था आपके पिछले मासिक धर्म काल (एलएमपी) के पहले दिन से लेकर शिशु के जन्म तक 40 हफ़्तों तक चलती है। इसे तीन चरणों में बाँटा गया है: पहली तिमाही, दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही। गर्भावस्था पूरी होने तक एक महिला के शरीर में विभिन्न परिवर्तन होते हैं। यह सिर्फ़ बैठकर एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ को पार करने की तरह है। तीनों तिमाहियों के भीतर भ्रूण विकास विभिन्न चरणों में बाँटा गया है।

पहली तिमाही

यह अवधि पहले सप्ताह से बारहवें सप्ताह तक होती है (पहले तीन महिने)। अधिकांश महिलाओं को गर्भावस्था के पहले महीने में यह तक मालूम नहीं पड़ता है कि वे गर्भवती हैं। यह बात गर्भवती महिलाओं को तब स्पष्ट हो जाती है जब वे देखती हैं कि उनकी महावारी रूक गई है। इस समय आपका बच्चा अभी भी कोशिकाओं की एक गेंद मात्र ही होता है, जिसकी लंबाई लगभग 1 सेंटीमीटर होती है। इन तीन महीनों में बहुत से परिवर्तन होते हैं। निषेचित अंडा चरणों में तेज़ी से बंट जाता है जिन्हें मोरूला और ब्लास्टुला कहा जाता है और यह आपके गर्भाशय की दीवार में प्रत्यारोपित हो जाता है जहां वह लगातार विकसित होता है। कोशिकाओं की ये परतें भ्रूण बन जाती हैं, जिसे इस चरण पर बच्चा कहा जाता है। आरोपण के बाद हृदय, रीड की हड्डी, फेफड़ें, मस्तिष्क, हाथ और पैर धीरे धीरे विकसित होना शुरू होते हैं। दूसरे महीने में बच्चा 2 सेंटीमीटर का हो जाता और यहां तक कि उसमें दिल की धड़कन भी विकसित होना शुरू हो जाती है। इसी समय पर आंखें, हड्डियां, एड़ियां, कोहनियां और जननांग बनना शुरू होते हैं। जैसे ही आप तीसरे महिने की समाप्ति पर पहुंचते हैं, तब बच्चा पहले से ही 7-8 सेंटीमीटर लंबा और गतिशील होता है, हालांकि इस चरण में मां को उसकी हलचल महसूस नहीं होती है। सभी प्रमुख अंग विकसित होना शुरू हो गए हैं और चेहरा मानव की भांति दिखने लगता है। इस चरण में आपको अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। अपने बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए आपको कुछ खाद्य पदार्थों और दवाइयों का सेवन बंद करना होगा। आपको अल्कोहल लेना और धूम्रपान करना बंद करना होगा और कैफ़ीन लेना कम करना होगा। अपने बच्चे के संपूर्ण पोषण के लिए स्वस्थ आहार लेना शुरू करें

दूसरा त्रैमासिक

यह अवधि तेरहवें सप्ताह से अट्ठाईसवें सप्ताह की होती है (चौथे से छठे माह तक)। चौथे माह में बच्चा हिलने डुलने लगता है, निगलने लगता है, पेशाब करने लगता है और गर्भवती महिलाओं को उनके बच्चे की हलचल महसूस होने लगती है। इस चरण पर बच्चा 13 सेंटीमीटर लंबा होता है और उसके टखने, उंगलियों के नाखून और जननांग अधिक विकसित होने लगते हैं। पांचवें महीने में, बच्चा 20 सेंटीमीटर का हो जाता है और यहां तक कि अपना अंगूठा भी चूसना शुरू कर देता है। बच्चों में सोने के नियमित पैटर्न होते हैं उनका समय निर्धारित करके माताएं उनकी हलचल महसूस कर सकती हैं। छठें महीने तक बच्चा 30 सेंटीमीटर का हो जाता है और थोड़ा सक्रिय होता है। इस चरण तक, बाल आने लगते हैं और बच्चे के फेफड़ें पूरी तरह से विकसित हो चुके होते हैं। वे इन सप्ताहों में माताओं को गर्भावस्था का अधिक अहसास होता है और वे अधिक परिवर्तित दिखाई देती हैं, पहले तीन महीने बीत जाने के बाद उर्जा का स्तर बढ़ जाता है। यदि आप पहले तीन महीनों में सुबह की मतली, थकान या उबकाई से परेशान होती रही हैं तो अब आपको इन सब से आराम मिलने वाला है।

अंतिम तीन माह: उनतीसवें से चालीसवें

सातवें महीने में बच्चा 35 सेमी की लंबाई का हो जाता है और बहुत टाँगें मारता है और अंगड़ाइयाँ लेता है, जो कभी-कभी बेआराम हो सकता है, यहाँ तक ​​कि दर्दनाक भी हो सकता है। बच्चा आवाज़ के प्रति प्रतिक्रिया देता है और अपने हाथों और आँखों को खोल और बंद कर सकता है और सुन भी सकता है। आठवें महीने में, शिशु के सभी बड़े विकास और बढ़ाव पूरे हो चुके होते हैं। शिशु जो ऊपर से नीचे की ओर पलट सकता है, वज़न में लगभग दोगुना हो गया है जिसके कारण माँ अब पिछले महीनों के मुक़ाबले अधिक गर्भवती दिखती है। नौवें महीने तक बच्चा 45 सेमी तक लंबा हो सकता है और उसका वज़न 2.5 से 4 किग्रा के बीच हो सकता है। शिशु को स्थानांतरित होने के लिए आपके अंधेरे पेट के अंदर बहुत अधिक जगह नहीं है, इसलिए आप अपने शिशु की हर गतिविधि को महसूस कर सकती हैं। बच्चा आम तौर पर अपना सिर श्रोणि क्षेत्र की तरफ़ रखकर ऊपर से नीचे की तरफ़ उल्टा हो जाता है और कभी भी बाहर आने के लिए तैयार रहता है! आपको प्रसाविका के अधिक संपर्क में रहना होगा क्योंकि तीसरी तिमाही में किसी भी समय घंटी बज सकती है, साथ ही आप और आपके शिशु के स्वास्थ्य पर नज़र रखी जाना भी महत्वपूर्ण है। आप इस बारे में सोचना शुरू कर सकती हैं कि प्रसव वेदना क्या होती है और आप किस प्रक्रिया से गुज़रेंगी। आप अभी भी आख़िरी तीन महीनों के दौरान सक्रिय महसूस कर सकती हैं, लेकिन आप शायद अपने शरीर को स्वाभाविक रूप से धीमा होता हुआ महसूस करेंगी। पैदल चलना हमेशा एक आदर्श व्यायाम है। ध्यान रखें, हालाँकि आपकी इच्छाएँ बदल सकती हैं और आपको प्रसव वेदना और जन्म के दौरान कुछ अतिरिक्त सहायता की भी आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए दिमाग़ खुला रखें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ किसी भी नए बदलाव का स्वागत करें।

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