<img src="//trc.taboola.com/1148583/log/3/unip?en=page_view" width="0" height="0" style="display:none"> How to deal with lactose intolerance during pregnancy - MamyPoko India Blog
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गर्भावस्था के दौरान लैक्टोज असहनशीलता से कैसे निपटें

वैकल्पिक टेक्स्ट द्वारा: राहुल मक्कड़ | मई 29, 2019

जब हम लैक्टोज असहनशीलता की बात करते हैं, तो इसका यह अर्थ होता है कि बहुत सारे लोगों में दूध पचाने की अक्षमता, जो मुख्यतः दूध और दुग्ध उत्पादों में मौजूद एक शर्करा के कारण होता है। दरअसल हमारे शरीर में पाई जाने वाली लैक्टेज नामक एक एंजाइम लैक्टोज को छोटे कणों में तोड़ने में मदद करती है, जिसके बाद लैक्टोज अधिक पाच्य बन जाता है। यदि किसी व्यक्ति का शरीर पर्याप्त लैक्टेज का उत्पादन नहीं करता है या इसकी कमी होती है, तो उनमें लैक्टोज असहनशीलता पैदा होने की संभावना रहती है।

पर चूंकि लैक्टोज असहनशीलता काफी सामान्य बात है, इसलिए इससे सही प्रकार के आहार और पूरक आहार से निपटा जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान लैक्टोज असहनशीलता से निपटने के लिए यहां कुछ उपाय बताए गए हैं।

प्री-नेटल विटामिंस:

जैसा कि हम पहले भी कई बार बता चुके हैं, गर्भवती महिलाओं को सभी पोषण की सही आपूर्ति में मदद के लिए प्रीनेटल विटामिंस काफी कारगर सिद्ध होते हैं। ऐसी गर्भवती महिलाओं के मामले में जिनमें लैक्टोज असहनशीलता पाई जाती है, वहां भी प्रीनेटल विटामिंस शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने में काफी कारगर साबित हुए हैं।

प्रीनेटल विटामिंस का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखे कि आप ऐसे उत्पाद चुनेंगी जिसमें विटामिन डी तथा कैल्शियम दोनों साथ हों। यदि ऐसा मिलना कठिन हो, तो सामान्य प्रीनेटल विटामिनों के अलावा, आपको कैल्शियम और विटामिन डी सप्लीमेंट भी शामिल करना चाहिए, ताकि आपको दुग्ध उत्पादों से मिलने वाले पोषण तत्वों की पूर्ति हो सके।

यदि आप जानती हैं या आप जानना चाहती हैं कि क्या आपमें लैक्टोज असहनशीलता है अथवा नहीं, सबसे अच्छा और सबसे सुरक्षित तरीका अपने डॉक्टर से संपर्क करना और डायग्नॉसिस के अनुसार दिए सुझावों का पालन करना है।

आहार:

जब कई सारी स्वास्थ्य समस्याओं तथा ऐलर्जी से निपटने की बात आती है, तो सही मायने में आहार औषधि का काम करता है। लैक्टोज असहनशीलता केवल उनमें से एक है, जिसे सही आहार के जरिए शरीर में आपूर्ति की जा सकती है।

दुग्ध उत्पादों के अलावा, ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं, जो कैल्शियम तथा विटामिन डी भरपूर होते हैं। सामन, ब्रोक्कली, कैले और ओक्रा जैसे आहारो को अपने रोजमर्रा के आहर में शामिल करने पर विचार करें। इनमें ख़ासकर कैल्शियम की मात्रा काफी होती है।

जहां तक विटामिन डी का सवाल है, तो अंडे इसके एक बेहतरीन स्रोत होते हैं। इसके अलावा, आप धूप में बैठ सकती हैं ताकि आपके शरीर में विटामिन की आवश्यक मात्रा का निर्माण हो सके। पर इसके लिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपको सीधा धूप में बैठना होगा और आपको वहां एक निश्चित अवधि तक बैठना होगा।

बस इन दो चीजों पर विचार कर आप इस बात को सुनिश्चित कर सकते हैं कि लैक्टोज असहनशील होने के बाजजूद आपको कैल्शियम और विटामिन डी की आवश्यक दैनिक मात्रा मिल जाए।

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